यह एक छोटा-सा जिला है लेकिन एक साफ-सुथरा नगर है जिसकी सुन्दरता देखते ही बनती है। राजगढ मे “नेवज” नदी निकल रही है, जिसे शास्त्रो मे “निर्विन्ध्या” कहा गया है। जिला मुख्यालय राजगढ से पाच किलोमीटर दूर प्रमुख दार्शनिक स्थल है- माँ जालपा का प्राचीन मन्दिर का। इस मन्दिर मे ‘माँ जालपा’ विराजमान है। मन्दिर के सामने प्रसिद्द हनुमान मन्दिर है। इसके अलावा राजगढ़ से उत्तेर दिशा में प्रसिद्द दार्शनिक स्थल “खोयरी” है, जहा भगवान शिव का मंदिर है। “खोयरी” में आपसपास जंगल और बहुत सुन्दर ताल है। इस पावन स्थल की छठा अतिसुन्दर है।मानव विकास रिपॉर्ट प्रस्तुत करने वाला पहला जिला है।यह के ब्यावरा तहसील में राष्ट्रीय राजमार्ग का चोराह है। राजगढ़ जिले में स्थित नरसिंहगढ़ के किले को कश्मीर ए मालवा कहा जाता है। मध्यप्रदेश का सर्वाधिक रेगिस्तान वाला जिला है। NH3 और NH 12 ब्यवार से गुजरते हे।
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राजगढ़ मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह राजस्थान राज्य और शाजापुर , सीहोर, भोपाल के जिलों की सीमाओं से लगा हुआ है । राजगढ़ जिले की अक्षांश 23 27 ‘ 12 ” उत्तरी और 24 17 ‘ 20 ” उत्तर के बीच और देशांतर 76 11 ‘ 15 ‘ और 77 14 ‘ पूरब के बीच फैली है । जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 6154 वर्ग कि.मी. है । जनगणना 2011 के अनुसार आबादी 15,45,814 है । यह राज्य की राजधानी भोपाल से 145 किलोमीटर दूर है।